वैज्ञानिकों की भर्ती खुद करने के पक्ष में

डीआरडीओ प्रमुख ने कही खामियां सुधारने की बात, भर्ती यूपीएससी से करवाने से इंकार

अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। डीआरडीओ में वैज्ञानिकों की भर्ती में कथित धांधली पर सीबीआई जांच बैठने के बावजूद रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंद्रा आंतरिक भर्ती प्रक्रिया के पक्ष में हैं। बता दें कि सेंट्रल विजिलेंस कमीशन की रक्षा मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में डीआरडीओ की आंतरिक भर्ती प्रणाली रिक्रूटमेंट एसेसमेंट सेंटर (आरएसी) पर सवाल खड़ा कर भर्ती संघ लोक सेवा आयोग से करवाने की सिफारिश की है। वहीं, डीआरडीओ प्रमुख का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया का अध्ययन करवाया जा रहा है। अगर खामियां सामने आईं हैं तो उनमें सुधार कर लिया जाएगा।

चंद्रा ने ये बातें देहरादून के यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आईआरडीई) में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर कहीं। प्रकाशिकी एवं विद्युत प्रकाशिकी विषय पर आयोजित सम्मेलन में चंद्रा ने कहा कि हमारी भर्ती प्रक्रिया संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के समकक्ष है। डीआरडीओ का आरएसी इसीलिए बनाया गया है कि संस्थान में विभिन्न शोधों के लिए आवश्यक वैज्ञानिक अपने स्तर पर भर्ती किए जा सकें। शोध संस्थान के लिए अपनी ही भर्ती प्रक्रिया होनी जरूरी है। गौरतलब है कि विजिलेंस जांच रिपोर्ट पर रक्षा मंत्री ने नवंबर 2013 में भर्तियों में गड़बड़ी का प्रकरण सीबीआई जांच को आदेशित किया है। कथित धांधली में दो पूर्व डीआरडीओ प्रमुखों सहित अन्य कई अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं।

चयन प्रक्रिया का आकलन

डीआरडीओ में रिक्रूटमेंट एसेसमेंट सेंटर (आरएसी) के माध्यम से वैज्ञानिकों की भर्ती प्रक्रिया का अध्ययन पूर्व यूपीएससी चेयरमैन कर रहे हैं। प्रक्रिया में सुधार के लिए चेयरमैन डीआरडीओ को जरूरी बदलाव की सलाह देंगे, जिससे भविष्य में कोई गड़बड़ी सामने न आए।

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