डी आर डी ओ द्वारा आर टी आई 2005 एक्ट की खुलेआम अवलेहना

सेवामें
माननीय श्रीनरेंद्र मोदी जी                                                                       दिनाक 10  सितम्बर 2014
प्रधानमंत्री
कक्ष संख्या  152पीएमओ
साउथ ब्लाक  नईदिल्ली -110011

 

विषय : डी आर डी द्वारा  आर टी आई 2005 एक्ट की खुलेआम अवलेहना

श्रीमान

डी आर डी ओ द्वारा  आर टी आई 2005 एक्ट की खुलेआम अवलेहना हो रही है।  यह एक्ट में स्पष्ट  रूप से लिखा है कि एक्ट की सेक्शन 24 के तहत  डी आर डी ओ को सूचना के अधिकार नियम 2005 में  छूट प्रदान की गयी है। परन्तु यह छूट भ्रष्टाचार और मानव अधिकार उल्लंघन के मामलों में नहीं है।

पर यह खेद का विषय है कि   डी आर डी ओ द्वारा  भ्रष्टाचार और मानव अधिकार उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार से सूचना नहीं दी जा रही है।

इसका मुख्य कारण यह है की पिछले कुछ वर्षो में सूचना के अधिकार नियम 2005 के तहत  मांगी गयी सूचनाओं के आधार पर डी आर डी ओ के कई वरिष्ठ अधिकारियो को विभिन्न अनुशासनात्मक कार्यवाहियो का सामना करना पद रहा है।  जैसे की एक वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती टी चन्द्रा बानू, साइंटिस्ट ऍफ़  को गलत तरीके से पायी गयी सर्विस से 18 जून 2014 हाथ धोना पड़ा।

डा अरुण  कुमार पर्सनल डायरेक्टर को सेवानिविर्ती  से दो घंटे पहले निलंबित होना पड़ा व् अब डिसिप्लिनरी एक्शन का सामना कर रहे है। डा वीरभद्रपा, डा ए के त्यागी व् अन्य बहुत से अधिकारियों के खिलाफ कई स्तरों की जाँच चल रही है।

करीब डेढ़ दर्जन मामलों सी वी सी व् विजिलेंस में जाँच चल रही है। सी बी आई में भी कई मामलें लंबित है।

श्रीमान यह आर टी आई 2005 एक्ट  के कारण ही इन भ्रष्टाचारो का खुलासा संभव हो पाया है।

परन्तु इन सब कार्यवाहियो को देखते हुये  डी आर डी ओ अधिकारियो ने यह तय कर लिया है की अब किसी प्रकार से कितने ही भ्रष्टाचारो के सबूत भी लगे हो तो भी आर टी आई एप्लिकेंट को कोई भी सूचना प्रदान नहीं करनी है।

इसके लिए सूचना अधिकारी  डी आर डी ओ ने सभी लैब ओ संस्थानों को 8 मई 2014 व् 11 अगस्त 2014 को  इस सन्दर्भ में निर्देश दिए है।  यह सरासर देश के संविधान के प्रति अवहेलना है। (छाया प्रति सलग्न है।)

श्रीमान, देश के सतर्क नागरिक आपकी कार्य प्रणाली से काफी आशाविंत है कि आप देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराएँगे और देश के सतर्क नागरिक आपके इस यज्ञ में आर टी आई 2005 एक्ट के माध्यम से आपका सहयोग करेंगे। परन्तु ये तभी संभव है जब आप इन सभी अधिकारियो  को निर्देश देंगे कि भर्ष्ट अधिकारियो को बचाने के लिए आर टी आई 2005 एक्ट का उल्लघन व् अवलेहना न करे।

धन्यवाद

प्रभुडंडरियाल
21-सुंदरवाला, रायपुर, देहरादून
फ़ोन  0135- 2787750, मोबाइल – 9411114879,
e-मेल  id prabhudoon@gmail.com  वेबसाइट  www.corruptionindrdo.com

सलंग्न

  1. सूचना अधिकारी  डी आर डी ओ ने सभी लैब ओ संस्थानों को 8 मई 2014 को भेजे गए पत्र की छाया प्रति
  2. सूचना अधिकारी  डी आर डी ओ ने सभी लैब ओ संस्थानों को 11 अगस्त 2014 को भेजे गए पत्र की छाया प्रति
    DRDO Hqrs RTI Cell 8th March 2014
    DRDO Hqrs RTI Cell 8th May 2014

    11 august cpio drdo hqrs

    11 august cpio drdo hqrs page 3

2 thoughts on “डी आर डी ओ द्वारा आर टी आई 2005 एक्ट की खुलेआम अवलेहना”

  1. In DRDO was very big corruption so that all big BOSS was not like to disclose his information through RTI act 2005

  2. As per RTI Dr.R.G.Taware TO ‘C’ Ex employee HEMRL Pune, first he get some information through RTI but Rao leader was un happy his RTI than A.S.Rao, Appa Rao, AL Dube, MPC Rao was conduct fake court of in inquiry & Mr.R K.Shina was declared charge may be found than Director A.S.Rao & team was finally dismiss the Dr.R.G.Taware that menace big corrupt was plane who to harass to employee in DRDO.

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