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आइआरडीई अफसर पर उत्पीड़न का आरोप
जागरण संवाददाता, देहरादून: यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आइआरडीई) की एक वैज्ञानिक ने संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी पर कार्यालय परिसर में उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला वैज्ञानिक ने डीआरडीओ मुख्यालय से इसकी शिकायत की है। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न अधिनियम (रोकथाम, निषेध और निवारण) के लिए बनाई गई विभागीय समिति को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। इस संबंध में संपर्क करने पर आइआरडीई निदेशक डा. एसएस नेगी ने इसकी पुष्टि की।
शिकायत के अनुसार आइआरडीई के आरोपी अधिकारी लंबे समय से कार्य स्थल पर महिला वैज्ञानिक का उत्पीड़न कर रहे थे। कुछ दिन पहले उन्होंने गले में टंगा आइकार्ड खींचकर छेड़छाड़ भी की। इसी के बाद महिला वैज्ञानिक ने डीआरडीओ मुख्यालय को लिखित शिकायत भेजी। बताया जा रहा है कि जून के प्रथम सप्ताह में जब डीआरडीओ के महानिदेशक, उपहानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन) आइआरडीई दौरे पर आए थे, उस समय भी महिला वैज्ञानिक ने उत्पीड़न की शिकायत की थी। आला अधिकारियों की ओर से कोई तव्वजो न दिए जाने के बाद महिला वैज्ञानिक ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई। आइआरडीई निदेशक डा. एसएस नेगी ने बताया कि महिला वैज्ञानिक की शिकायत की जांच मुख्यालय स्तर ऐसे मामलों के लिए गठित कमेटी को जांच सौंप दी गई है। जांच के बाद ही आगे के कदम उठाए जाएंगे।
डीआरडीओ के प्रशासनिक अधिकारी को चार्जशीट1डीआरडीओ के मसूरी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल मैनेजमेंट (आइटीएम) संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी महिला कर्मी के साथ छेड़छाड़ के मामले में मंगलवार को चार्जशीट दे दी गई है।1शिकायत के अनुसार 26 फरवरी को आइटीएम के प्रशासनिक अधिकारी ने संविदा पर कार्यरत महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ कर कार्यालय के कमरे में बंद कर दिया था। इसकी शिकायत महिला कर्मी ने डीआरडीओ मुख्यालय में की थी। जिस पर अब प्रशासनिक अधिकारी को चार्जशीट देने की कार्रवाई की गई।
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कहते है खुदा के घर देर है अंधेर नहीं, पर अब तो यह लगने लगा है सब अंधेर ही है, क्योकि मेने वर्ष 2013 में DRDO में ड्राफ्ट्समेन मैकेनिकल की परीक्षा दी थी एवं वर्ष 2014 में इंटरव्यू एवं डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ था, जिसके उपरांत आज तक मुझे नियुक्ति नहीं मिल पायी है, एक बेरोजगार की बददुआ लगेगी उन सबको जिन्होंने मेरे लिए ये सब किया, क्योकि ना तो मेने किसी को रिश्वत दी एवं ना ही किसी से शिफारिश लगवाई थी, मेने खूब पढ़ाई की थी एवं 7000 की नौकरी करते हुए दिन रात एक करके मेहनत की थी, फिर भी बाद में आरोप लगे की पूरी परीक्षा में धांधली हुई थी, जिस आधार पर मुझे भी आज तक बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ रहा है, तो ये एक बेरोजगार की सच्चे दिल से बददुआ है उन सबको जैसे आज में तड़प रहा हूँ, वो ही उन सब के साथ हो, जिनकी वजह से ये सब हुआ है . धन्यबाद