Dr Kamat is a Helpless Head of DRDO because during his one-year extension he is not able to preforms his responsibilities given by GOI. Like first and most important task was to implementing Dr Raghwan Committee recommendations why because he has not had the charisma to convenience his colleges the clear massage of PMO vision […]
डीआरडीओ की भर्ती प्रक्रिया में हुआ ‘झोल’
अरुणेश पठानिया
मंगलवार, 26 नवंबर 2013 अमर उजाला, देहरादून
देहरादून में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप पर दी शिकायत सीवीसी ने दर्ज कर ली है।
844 पदों की भर्ती प्रक्रिया
सीवीसी को भेजी शिकायत में 844 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किये गए हैं।
आवेदन करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य एसएसएस से पंजीकरण, परीक्षा केंद्रों के आवंटन में गड़बड़ी और हजारों आवेदन फॉर्म बिना कारण निरस्त करने जैसे आरोप सीवीसी को देहरादून से भेजी शिकायत में लगाए गए हैं।
डीआरडीओ के सेंटर फॉर पर्सनल टेलेंट मैनेजमेंट (सेपटेम) के माध्यम से मई 2013 में 844 पद निकाले गए। सेपटेम प्रवेश परीक्षा 25 अगस्त को आयोजित करवा चुका है जबकि परीक्षा परिणाम अभी घोषित नहीं किया गया है।
सीवीओ को 26 अक्टूबर 2012 को भेजी शिकायत में सेपटेम पर कई आरोप लगाये गए हैं। शिकायत में संलग्न दस्तावेजों में दिया है कि डाटा एंट्री का कार्य जिस निजी कंपनी को दिया गया था उसने फॉर्मों का डाटा गलत फीड किया जिससे रिजेक्ट हो गए।
परीक्षा के एसएमएस पंजीकरण प्रक्रिया के लिए जिस निजी कंपनी को टेंडर दिया उसको टेंडर आवंटित करने की प्रक्रिया, आवेदन फॉर्म को रजिस्टर्ड डाक की जगह साधारण पोस्ट से मांगाया गया, जिससे अभ्यार्थी सुनिश्चित नहीं कर पाए की आवेदन क्यों निरस्त हुआ।
शिकायत दर्ज
अभ्यर्थियों के फॉर्म में भरे परीक्षा केंद्रों को बदल दिया गया, जिसको लेकर बड़ी संख्या में आपत्तियों के बाद दो बार संशोधित सूची निकाली गई। शिकायतकर्ता को सीवीसी ने अवगत करवाया है कि 30714/2013/विजलेंस संख्या से शिकायत दर्ज कर ली गई है।
Comments
Leave a Reply

DRDO was most famous Corrupt agency of government of India for Big Scam in Corruption. they are very smart in hid the truth and document of corruption & making full to poor taxpayer.Large number big officer not leave with out corruption, propriety more than income.