माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी दिनाक 18 अक्टूबर 2016
प्रधानमंत्री
कक्ष संख्या 152 पीएमओ
साउथ ब्लाक, नई दिल्ली -110011
विषय : डीआरडीओ अधिकारियों द्वारा पीएमओ को गलत व भ्रामक जानकारी देना ।
माननीय श्री प्रधानमंत्री जी आज एक महत्वपूर्ण अंग्रेजी दैनिक इकनोमिक टाइम्स में ” Parrikar Walks Tightrope on DRDO Transfer” शीर्षक से खबर छपी है।
- देहरादून स्थित डीआरडीओ से एक तकनीकी अधिकारी का स्थानांतरण 6 मई 2016 को बिना लैब डायरेक्टर को बताये डीआरडीओ मुख्यालय, दिल्ली द्वारा कानपुर स्थित लैब में कर दिया जाता है । (सलंग्न पत्र 1 सबूत है। )
- तकनीकी अधिकारी द्वारा अपने इस अविश्सनीय तरीके से किये गए स्थानांतरण का अपनी जातिगत परस्थितियों जैसे कि 75 वर्षीय माता-पिता, दिव्यांग भाई तथा विधवा बहन की जिम्मेदारी का व अपनी पत्नी के साथ चल रहे तलाक विवाद व कोर्ट केसों का हवाला देते हुए अपने स्थानांतरण का पुरजोर विरोध कर स्थानांतरण रद्द करने के लिए डीआरडीओ मुख्यालय, दिल्ली से अनुरोध करता है।
- इस अविश्सनीय तरीके से किये गए स्थानांतरण का कारण जानने से पता चलता है कि स्थानांतरण का आदेश माननीय रक्षा मंत्री द्वारा दिया गया जोकि 12 सितंबर 2016 को श्री प्रेम चन्द सैनी, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य, उत्तराखण्ड व पूज्य स्वामी विवेकानंद के प्रतिनिधि मंडल के साथ इस तकनीकी अधिकारी ने रक्षा मंत्री से भेंट करके जाना । माननीय रक्षा मंत्री ने कहा कि तुम्हारी पत्नी अपने क्षेत्र के सांसद के साथ कई बार मिली तथा तुम्हारा स्थानांतरण कहीं दूर किसी अन्यंत्र लैब में करने का आग्रह किया । अतः अब तुम अपने क्षेत्र के सांसद का अनुरोध पत्र दो तो मैं जाँच करके निर्णय लूंगा । (सलंग्न पत्र 2 सबूत है।)
- तकनीकी अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र के सांसद माननीय डॉक्टर रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का पत्र माननीय रक्षा मंत्री को प्रेषित कर दिया । (सलंग्न पत्र 3 सबूत है। )
- तकनीकी अधिकारी की माता व अपने क्षेत्र के उत्तराखंड बी जे पी कार्यकारणी सदस्य द्वारा पीएमओ पोर्टल में भी गुहार लगायी गयी थी, परन्तु डीआरडीओ के अधिकारियों द्वारा पीएमओ को गलत व भ्रामक जानकारी दी गयी कि, यह स्थानांतरण कानपुर लैब डीएमएसआरडीई की मांग पर यह स्थानांतरण किया गया । यह पीएमओ को एक गलत व भ्रामक जानकारी दी गयी। सलंग्न पत्र 4 & 5 सबूत है।
- एक तो डीएमएसआरडीई लैब का क्लस्टर अलग है और सबसे पहले अगर किसी भी लैब को कोई मैनपावर चाहिए तो पहले अपने क्लस्टर से लेंगे, दूसरा इस तकनीकी अधिकारी की क्वालिफिकेशन फिजिक्स है और कानपुर लैब में फिजिक्स के 8 वैज्ञानिक पहले से ही मौजूद है। तीसरी व आखिरी बात जोकि आज के न्यूज़ पेपर में लिखी है जिसमे माननीय रक्षा मंत्री व रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉक्टर जी सतीश रेड्डी इस तकनीकी अधिकारी को कह रहे हैं कि बस तुम कानपुर जाकर ज्वॉइन कर लो और तुम्हे हम एक महीने में वापस बुला लेंगे। इसमें आश्चर्य की बात यह है कि एक शब्द इस बात का नहीं है कि तुमने एक महीने में वो कौन सा तथाकित काम करना है जिसके लिए कानपुर लैब ने मांग की थी और जोकि डीआरडीओ के अधिकारियों द्वारा पीएमओ को बताया था । (पीएमओ से आग्रह है की यह कंवर्सेशन इंटेलिजेंस ब्यूरो देहरादून से प्राप्त कर ले।)
- तकनीकी अधिकारी ने जब अपनी जान के खतरे के बारे में रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉक्टर जी सतीश रेड्डी को कहा तो डॉ. सतीश रेड्डी पूछते हैं कि क्या वे तुम्हारा मर्डर कर देंगे । डॉ. सतीश रेड्डी तब भी तकनीकी अधिकारी से कहते हैं कि तुम ज्वाइन कर लो मैंने ईश्वर प्रसाद, डायरेक्टर, कानपुर लैब से बात कर ली है वो तुमको गेस्ट हाउस में सेफ रखेगा।
- माननीय श्री प्रधानमंत्री जी यह न्यूज़ पढने के बाद यह जानना है कि हमारे माननीय रक्षा मंत्री जी माननीय सांसदों के सामने इतने बेबस क्यों है या कोई अन्य कारण तो नहीं है । आपसे अनुरोध है कि इन डीआरडीओ अधिकारियों के झूठ बोलने पर लगाम लगाए और इस तकनीकी अधिकारी को इन भ्रष्ट अधिकारियो के चुंगल से बचा कर इसके माता पिता को आत्महत्या करने से रोकें । (संलग्न न्यूज़ कटिंग दैनिक जागरण )
धन्यवाद
प्रभु डंडरियाल
21-सुंदरवाला, रायपुर, देहरादून
फ़ोन 0135- 2787750, मोबाइल – 9411114879,
e-मेल id prabhudoon@gmail.com वेबसाइट www.corruptionindrdo.com
संलग्न -5




