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नैनो टेक्नोलॉजी से स्मार्ट वेस्ट बनाने के नाम पर चार करोड़ की ठगी

हिन्दुस्तान टीम, कानपुर Thu, 19 Apr 2018
 नैनो टेक्नोलॉजी से स्मार्ट वेस्ट बनाने के लिए शहर की एक कम्पनी ने डीएमएसआरडी के एक पूर्व कर्मी और उसके परिजनों की रिर्स्च पर लगभग चार करोड़ रुपए का खर्च किया। वेस्ट बनने के बाद आरोपियों ने अमेरिका में एक अलग कम्पनी बनाकर स्मार्ट वेस्ट की मार्केटिंग शुरू कर दी। इस धोखाधड़ी को लेकर कम्पनी के लॉ अफसर ने चकेरी थाने में डीएमएसआरडी के पूर्व कर्मचारी और उनके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाना और उनका प्रयोग करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।

कृष्णापुरम चकेरी में श्री लक्ष्मी काटसिन लिमिटेड का प्रशासनिक कार्यलय है। कम्पनी के लॉ अफसर नितिन कुमार तलसियान के मुताबिक कम्पनी सेना के लिए बुलटप्रूफ जैकेट और जूते आदि बनाने का काम करती है। लॉ अफसर के मुताबिक डीएमएसआरडी में डा. जीएन माथुर पूर्व कर्मी हैं। डीएमएसआरडी में कार्यरत रहने के दौरान यह कम्पनी के मालिकों से सम्पर्क में आए थे। डीएमएसआरडी से रिटायर होने के बाद सन 2005 मे डा. जीएन माथुर ने बतौर निदेशक श्री लक्ष्मी काटसिन लिमिटेड ज्वाइन कर ली। सन 2008 में डा. जीएन माथुर, उनकी पत्नी डा. रंजना माथुर और बेटी देविना माथुर के साथ कम्पनी के ऑफिस पहुंचे और कम्पनी के चेयरमैन डा. एमपी अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान डा. जीएन माथुर और उनके परिवार ने नैनो टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर स्मार्ट वेस्ट बनाने का प्रस्ताव रखा। इन लोगों ने कम्पनी के सीएमडी को बताया कि स्मार्ट वेस्ट पहनने के बाद लोगों को ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर समेत अन्य जरुरी जांचों के लिए डाक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा जीपीएस के जरिए लोगों के बारे में जानकारी भी जुटाई जा सकेगी। प्रस्ताव सुनने के बाद सीएमडी स्मार्ट वेस्ट बनाने को राजी हो गए और सन 2008 में श्री लक्ष्मी नैनो टेक्नोलॉजी के नाम से नई कम्पनी बनाई गई।

लॉ अफसर के मुताबिक इसी दौरान आरोपी पक्ष ने डा. विजय के वारदान को कम्पनी के मालिकों से मिलवाया। जिन्हें नैनो टेक्नोलॉजी का विशेषज्ञ बताया गया। उसके बाद आरोपियों ने रिर्स्च और डवलपमेंट के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों के दौरे किए। सन 2008 से 2016 तक कंपनी के खर्च पर आरोपियों ने नैनो टेक्नोलॉजी के जरिए स्मार्ट वेस्ट बनाई। जिसके रिर्स्च, डेवलपमेंट और प्लानिंग में कम्पनी का 3 करोड़ 67 लाख, 40 हजार 377 रुपए लगे। जब स्मार्ट वेस्ट बनकर तैयार हो गया तो आरोपियों ने अमेरिका में एक अलग कम्पनी नैनो वेयर के नाम से बनाई और स्मार्ट वेस्ट की मार्केटिंग शुरू कर दी। उसके बाद आरोपियों द्वारा श्री लक्ष्मी नैनो टेक्नोलॉजी और श्री लक्ष्मी काटसिन लिमिटेड के साथ हुए अनुबंधों की भी अनदेखी की गई। चकेरी इंस्पेक्टर प्रमोद शुक्ला के मुताबिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है मामले में विशेषज्ञों से राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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DRDO Scientist’s bluffing expertise example  – Dr. G. N. Mathur who is eminent scientist, ex-Director, DMSRDE, Kanpur of DRDO, India